Sunday, January 11, 2009

वोह

इंतज़ार के लम्हे ख़तम होरही है
इंतज़ार के लम्हे ख़तम होरही है

साला मेरी उम्र भी बड रही है


मिल नहीं रही है वोह
मिल नहीं रही है वोह

पूछो मत कौन
मिलने के बाद बोलता हूँ जाओ

--- अरुण

1 comment:

AruV said...

lo gubs!

spell check maadu..
nettige Kannadadalli Ketto andre..